
आए कुछ दिनों से लगातार थाना गढ़वा क्षेत्र में चेकिंग का सिलसिला जारी ही रहता है कहीं ना कहीं इस बात से यह प्रतीत होता है कि पुलिस प्रशासन को हमारी बेहद चिंता है और इस बात से खुशी भी झलक रही है की कोई तो है जो हमारे बारे में हमारे परिवार की सुरक्षा के बारे में सोचता है और आए दिन दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं कहीं ना कहीं वह व्यक्ति की खुद की लापरवाही जैसे हेलमेट का न पहनना एक दिन उसकी जान लेने का कारण हो सकता है
लेकिन मैं आपको एक वाक्य बताता हूं क्या होता है कि जैसे ही कोई मेरे परिचय वाला या कोई नेता या मंत्री के परिचय वाला व्यक्ति थाने में हेलमेट चेकिंग के दौरान रोका जाता है तो वह तत्काल मेरे पास या अपने परिचय वाले के पास अगर किसी के पापा विधायक हैं चाचा विधायक हैं सांसद हैं या वह किसी बड़े राजनीतिक पद पर हैं तो वह उनका फोन लगवाते हैं और सिफारिश करवाते हैं कि मैं हेलमेट न पहनने की वजह से थाने में पकड़ा गया हूं मुझे छुड़ा दीजिए
मैं उन सभी अपने से बड़ों से यह सवाल करना भी चाहता हूं और पूछना भी चाहता हूं और बताना भी चाहता हूं याद रखिए यदि आप थाने में अपने जान पहचान के व्यक्तियों को ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, व्हीकल इंश्योरेंस नहीं है, पॉल्यूशन पेपर नहीं है या किसी अन्य वजह से रोका गया है तो आप जरूर उसकी थोड़ी सिफारिश कर मदद कर दें
यदि आप इस देश के एक जिम्मेदार नागरिक हैं तो आप अपने आप से अकेले में एक बार जरूर पूछिएगा की हमने उसे व्यक्ति को छुड़वाया जो हेलमेट नहीं पहना था जिस दिन यह घटना या अनहोनी सुनने को मिली कि अरे यार यह तो वही व्यक्ति है जो हेलमेट के लिए मुझे फोन किया था और आज उसका किसी सड़क दुर्घटना में सर में भयंकर चोट आने की वजह से उसकी तत्काल घटनास्थल पर मौत हो गई
यदि आप सच्चे इंसान हैं तो आपको यह जरूर दुख होगा कि आज देखो हेलमेट न पहनने की वजह से इसकी मौत हो गई है यदि यह हेलमेट पहना होता तो या सुरक्षित बच जाता और इसका परिवार अनाथ होने से बच जाता इससे आपको जरूर समझ में आएगा कि कहीं ना कहीं इसकी मौत की जिम्मेवारी में कुछ हिस्सा मेरा भी है क्योंकि आपने ही तो आदत बनवाई है अगर यह कहीं पुलिस द्वारा हेलमेट की चेकिंग में पकड़ा गया तो आप उसे तुरंत छुड़वा देते थे, जिसके कारण उसकी बार-बार हेलमेट न पहनने की आदत बन गई, क्योंकि उसे पता है कि मैं जब कहीं पकड़ा जाऊंगा मेरे चाचा मेरे मामा मेरे भैया मेरे तू मेरे दादा मुझे छुड़ा ही देंगे तो हेलमेट पहनने की जरूरत क्या है
और हेलमेट न पहनने वालों से भी मैं बोलना चाहूंगा कि भाई यह जो आप हेयर स्टाइल को मेंटेन करने के चक्कर में हेलमेट नहीं पहन रहे हैं ना एक दिन यह आपकी जिंदगी पर भारी पड़ जाएगा तो अभी से सतर्क हो जाइए
ईश्वर ना करें कि ऐसा कभी सुनने को या देखने को भी मिले लेकिन यदि इस प्रकार का कोई हादसा होता है तो आप अपने आप को कभी माफ नहीं कर पाएंगे मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि आप हेलमेट न पहनने वालों की सिफारिश बिल्कुल ना करें व इस देश की सुरक्षा में 24 घंटे तट पर हमारी पुलिस प्रशासन के जवानों को उनकी ड्यूटी में बाध्यता भी ना पहुंचाएं क्योंकि कहीं ना कहीं वह हमारी और हमारे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं तो इसमें सिफारिश का सवाल आता कहां से है
और बड़े शर्म की बात है यार की हम हेलमेट न पहनने वाले व्यक्तियों को और लापरवाह बनाने में उनकी मदद कर रहे हैं यह बड़ी निंदा का विषय है क्योंकि आप एक शिक्षित व्यक्ति हैं और हेलमेट न पहनने वाले व्यक्ति की सिफारिश करते हैं तो बड़े शर्म की बात है धिक्कार है ऐसी शिक्षा पर जो एक व्यक्ति को सीधा-सीधा दुर्घटना की मुंह में झोंकने की आदत बनवा रहे हैं
और मैं सेल्यूट करता हूं अपने थाना गढ़वा के पुलिस के जवानों को जो लगातार हमारी हर एंगल से सुरक्षा की चिंता उनके दिलो -दिमाग में बनी रहती है और मैं उनसे भी एक निवेदन करना चाहता हूं कि जब कभी हेलमेट चेकिंग के दौरान किसी का फोन आए तो जिस व्यक्ति ने फोन किया है उसे एक बात जरूर पूछिएगा कि यदि यह जिस रास्ते में यात्रा के लिए जा रहा है यदि उसके साथ कोई दुर्घटना हो गई तो क्या आप जिम्मेदार होंगे क्या आप लिखकर मुझे दे सकते हैं
मैं बोल रहा हूं शायद वह दोबारा कभी आपको फोन नहीं करेगा यदि वह बेशर्म होगा तभी फोन करेगा हेलमेट चेकिंग के दौरान तो बिल्कुल सिफारिश की कोई जरूरत ही नहीं है यह हमारे आपके सुरक्षा की बात है और हमें खुद इसके लिए आगे आना होगा
क्योंकि हम सभी जिम्मेदारियां शासन और प्रशासन के लोगों के ऊपर नहीं डाल सकते
हमारी तरफ से ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं थाना गढ़वा के थाना प्रभारी जी को व पुलिस के जवानों को जो इस हेलमेट चेकिंग के कार्यक्रम को लगातार जारी रखे हैं बहुत-बहुत धन्यवाद और मेरी तरफ से बहुत-बहुत आभार
।
इस खबर के लेखक व संपादक – प्रवीण कुमार बैस